यस वी आर द हीरो

Photo: AFP

यस वी आर द हीरो

केपटाउन में विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया पर हैरतंगेज जीत दर्ज करने वाली जिंबाब्वे टीम के खिलाड़ी मैदान का चक्कर लगाते हुए।

सितम्बर 13, 2007 at 4:40 पूर्वाह्न Leave a comment

रूस ने बनाया ‘सबसे शक्तिशाली बम’

रूसी टेलीविजन पर दिखाया गया विस्फोट परीक्षण की तस्वीर
राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले दिनों रूस की सैन्य शक्ति को फिर से उभारना शुरु किया है

रूसी सेना ने हवा से गिराए जाने वाले एक बम का परीक्षण किया है. इस बम के बारे में दावा किया गया है कि यह सबसे शक्तिशाली पारंपरिक बम है.

सात टन वज़न वाले इस बम से भीषण विस्फोट होता है और एक विशालकाय आग का गोला पैदा होता है.

रुस के सरकारी टेलीविज़न ने इस बम की रिपोर्ट प्रसारित की है.

रूस ने यह बम विस्फोट करके ताक़त दिखाने की कोशिश ऐसे समय में की है जब कई सामरिक मुद्दों पर अमरीका के साथ उसके रिश्ते तल्ख़ चल रहे हैं.

सबसे शक्तिशाली

रूसी टेलीविज़न ने कहा है कि यह इतिहास का सबसे ताक़तवर ग़ैर-परमाणुविक बम है.

रूस ने इस बम को ‘डैड ऑफ़ ऑल बम्स’ कहा है और दावा किया है कि यह अमरीका के सबसे शक्तिशाली बम से चार गुना शक्तिशाली है जिसे अमरीका ने ‘मदर ऑफ़ ऑल बम्स’ नाम दिया हुआ है.

टेलीविज़न ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इसमें सिर्फ़ सात टन विस्फोटक है जबकि अमरीकी बम में आठ टन विस्फोटक होता है.

हालांकि रिपोर्ट में विस्फोटक का नाम नहीं बताया गया है लेकिन कहा गया है कि नैनो-टेक्नोलॉजी से विस्फोटक तैयार किया गया है.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार अमरीकी बम में जहाँ 11 टन टीएनटी के बराबर विस्फोट क्षमता होती है वहीँ रूसी बम में 44 टन टीएनटी के बराबर विस्फोट क्षमता है.

अमरीकी बम की तुलना में रूसी बम के विस्फोट का इलाक़ा दो गुना (300 मीटर) है.

रूसी सेना ने कहा है कि यह बम परमाणु बम की तरह ताक़तवर है लेकिन इससे विकिरण जैसे किसी पर्यावरणीय नुक़सान का ख़तरा नहीं है.

विश्लेषक मानते हैं कि रुस इस बम के विस्फोट के ज़रिए दुनिया में अपनी सैन्य शक्ति को एक बार फिर स्थापित करना चाहता है.

from

BBCHindi

सितम्बर 12, 2007 at 4:53 अपराह्न Leave a comment

बच्चा पैदा करने की इनामी योजना

दंपत्ति
इस साल एक दंपत्ति को इनाम में महँगी गाड़ी मिली

रूस में जनसंख्या घटने से अधिकारी इस क़दर चिंतित हैं कि उन्होंने ठीक नौ माह बाद बच्चा पैदा करने वाले दंपत्तियों को इनाम देने का फ़ैसला किया है.

रूस के उलयानोस्क इलाक़े के गर्वनर ने कहा है कि जो दंपत्ति ठीक नौ माह बाद रूस के राष्ट्रीय दिवस यानी 12 जून को बच्चा पैदा करेंगे उन्हें कार और टेलीविज़न जैसे तोहफ़े दिए जाएंगे.

गर्वनर सर्गेई मोरोज़ोव चाहते हैं कि इलाक़े के लोग समय निकाल कर संतानोत्पत्ति के प्रयास करें.

उन्होंने बुधवार को ‘परिवार संपर्क दिवस’ घोषित किया है ताकि रूस में घटती जनसंख्या के संकट से निपटा जा सके.

सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस की आबादी में तेज़ गिरावट आई है.

उलयानोस्क में लगातार तीसरे वर्ष 12 जून को बच्चा पैदा करने वाले दंपत्तियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है.

इस साल ऐसे ही एक दंपत्ति को पुरस्कार के रूप में महँगी गाड़ी भेंट की गई.

ऐसा लग रहा है कि यह प्रोत्साहन योजना सफल हो रही है क्योंकि पिछले साल के मुक़ाबले इस साल जन्म-दर में साढ़े चार फ़ीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है.

जनसंख्या विशेषज्ञों का आकलन है कि इस सदी के मध्य तक रूस की जनसंख्या चार करोड़ घट सकती है जो वर्तमान जनसंख्या का लगभग एक तिहाई है.

इसी के मद्देनज़र रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी प्रोत्साहन योजना की शुरुआत कर चुके हैं जिसके तहत दूसरा या तीसरा बच्चा पैदा करने वाली महिला को नौ हज़ार डॉलर मिलेंगे.

सितम्बर 12, 2007 at 4:51 अपराह्न Leave a comment

रैड कॉर्नर नोटिस क्या होता है.&7 ओक्लॉक या 8 ओक्लॉक. इसमें 0 का क्या मतलब है.

रैड कॉर्नर नोटिस या रैड नोटिस इंटरपोल द्वारा जारी किया जाता है. इंटरपोल दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस संस्था है जिसके सदस्य देशों की संख्या 186 है जिनमें भारत भी शामिल है. इसकी स्थापना 1923 में ऑस्ट्रिया में हुई थी. उद्देश्य था सीमाओं के आर-पार पुलिस सहयोग बढ़ाना और उन सभी संगठनों, सरकारों और सेवाओं की सहायता करना, जिनका काम अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना या उससे लड़ना है. इंटरपोल का एक महत्वपूर्ण काम अंतर्राष्ट्रीय नोटिस जारी करके, सदस्य देशों की पुलिस के साथ अपराध संबंधी जानकारी बांटना है. ये नोटिस छ प्रकार के होते हैं. लाल, नीले, हरे, पीले, काले और नारंगी. इन सबका उद्देश्य अलग-अलग होता है. आपने लाल नोटिस के बारे में पूछा है तो लाल नोटिस उन लोगों की शिनाख़्त करने और उन्हे खोज निकालने के लिए जारी किया जाता है जिनकी किसी देश की पुलिस को तलाश है. जिससे उन्हे गिरफ़्तार करके प्रत्यर्पित किया जा सके.

                                                      &

ओ का मतलब है ऑफ़. अगर कहना है कि सात बजे हैं तो अंग्रेज़ी में कहेंगे 7 ऑफ़ द क्लॉक या संक्षेप में 7 ओ क्लॉक.

सितम्बर 11, 2007 at 5:18 अपराह्न Leave a comment

ग्रन्थों की मूल पांडुलिपियां कहां संरक्षित हैं

प्राचीन भारत में सैकड़ों वर्षों तक ज्ञान मौखिक रूप से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचता रहा. लगभग तीन-चार सौ ईसवी तक भारत में लेखन का कार्य उस तरह से नहीं हुआ. कुछ अभिलेख ज़रूर मिलते हैं. जब लेखन परम्परा शुरु हुई तो ताड़पत्र या भोजपत्र पर ग्रन्थों की रचना हुई. ग्रन्थ का मतलब ही होता है इन पत्रों को छेद करके गांठ में बांधना. सबसे पुरानी पांडुलिपियां पांचवी छठी सातवीं शताब्दी की मिलती हैं. यह कहना बड़ा मुश्किल होगा कि मूल पांडुलिपियां कहां है क्योंकि बहुत सारी पांडुलिपियां ब्रिटिश शासन के दौरान भारत से ब्रिटन ले जाई गईं जो ब्रिटिश लायब्रेरी में या ऑक्सफ़र्ड लायब्रेरी में सुरक्षित हैं. लेकिन इनका सबसे बड़ा संग्रह भारत में है जैसे बनारस, पूना, पटना और दक्षिण भारत के प्राचीन पुस्तकालयों में ढेरों पांडुलिपियां रखी हैं.

सितम्बर 11, 2007 at 5:13 अपराह्न Leave a comment

तस्वीरों में-  इंडिया फ़ैशन वीक- ग्रांड फिनाले
इंडिया फ़ैशन वीक- ग्रांड फिनाले
 
ग्रांड फिनाले में जाने-माने डिज़ाइनर रोहित बल के डिज़ाइनों को प्रदर्शित किया गया.

इंडिया फ़ैशन वीक- ग्रांड फिनाले
इंडिया फ़ैशन वीक- ग्रांड फिनाले
 
कुछ मॉडल रैंम्प पर बॉलीवुड की बढ़ती क़दमताल को लेकर चिंतित भी दिखे
भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टीट्यूट आज़ादी पूर्व भारत से जुड़े कुछ दुर्लभ वीडियो इनदिनों लंदन में दिखा रहा है. . ये तस्वीर ‘पैनोरामा ऑफ़ कैलकटा’ नाम के वीडियो से ली गई है जो 1899 में शूट किया गया था. हालांकि इस बात को लेकर भ्रम है कि यो कोलकाता है या बनारस. ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टीट्यूट लोगों से इस बारे में राय भी माँग चुका है
 भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
ये तस्वीर ‘ट्रूथ विल कम आउट’ नाम का वीडियो से ली गई है जो 1930 में बनाया गया था.
भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
वर्ष 1911 में दिल्ली दरबार में जॉर्ज पाँचवें और महारानी मेरी की ताजपोशी.
भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
जोधपुर के महाराजा के परिवारजनों ने अपने कई होम वीडियो ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टीट्यूट को दे दिए थे. ये 1940 के एक वीडियो से ली गई तस्वीर है.
भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
1935 में लिया गया होम वीडियो.
 भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
जिंद के महाराजा रणबीर सिंह राजेंद्र बहादुर के रेल स्टेशन पहुँचने पर उनका स्वागत करते ब्रितानी अधिकारी और उनको सलामी देते सैनिक.
 
भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
भारत की एक सड़क का दृश्य (1938)
 

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वर्ष 1938 में भारत की सड़क का एक और नज़ारा.
 भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
वर्ष 1947 में एक ब्रितानी परिवार का होम वीडियो-पिकनिक मनाते हुए.
भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947)
 
कोलाकाता में हॉर्स रेस में हिस्सा लेते समृद्ध भारतीय लोग.

सितम्बर 11, 2007 at 6:06 पूर्वाह्न Leave a comment

ग्लोबिश वर्ड Bank

ग्लोबिश - A place where one can borrow money

उच्चारण - बैंक

मतलब - वह जगह जहां रुपयों का लेनदेन होता है

मेरी सैलरी सीधे मेरे बैंक अकाउंट में जाती है - my salary is paid directly into my bank account. बैंक वह जगह भी होती है , जहां जरूरत के मुताबिक उपयोग के लिए ( कुछ भी ) जमा करके रखा जाता है। जैसे उपयोगी पते - ठिकानों का संग्रह (a bank of useful addresses). इससे बने कुछ और Noun हैं। जैसे , Bank Balance- बैंक में जमा धनराशि , Bank book इसे passbook भी कहते हैं। Banker भी इसी से बना है , जो ब्याज पर रुपये देता है। आज भी गांवों में साहूकार और महाजन होते हैं। वहीं , Banking होगा साहूकारी , महाजनी , लेनदेन। लेकिन अगर कोई कर्ज वापस नहीं कर पाया है और कोर्ट ने उसे दीवालिया करार दिया है तो ऐसे व्यक्ति के लिए अंग्रेजी में शब्द है Bankrupt.

Verb के रूप में इसका अर्थ होगा बैंक में पैसा जमा करना - Bank one’s savings. फ्रेजल वर्ब है Bank on यानी भरोसा रखना , आश्रित होना। जैसे , मैं तुम्हारी मदद पर आश्रित हूं - I am banking on your help. Bank का एक मतलब नदी का किनारा ( River Bank ) भी होता है। मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा फिल्म घर संसार का यह गीत तो आपने सुना ही होगा - ये हवा , ये नदी का किनारा चांद तारों का रंगीन इशारा कह रहा है बेखबर , हो सके तो प्यार कर ये समा मिलेगा फिर ना दोबारा

सितम्बर 10, 2007 at 9:05 पूर्वाह्न Leave a comment

आज़ादी से पहले के दुर्लभ पोस्ट

आज़ादी से पहले के दुर्ल पोस्ट लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय में भारत की आज़ादी से पहले के कुछ दुर्लभ पोस्टरों की एक प्रदर्शनी जारी है. वहाँ से इन पोस्टरों के चित्र जुटाए हैं हमारी उर्दू सेवा के सहयोगी मुसद्दिक़ सनवाल ने.
ईएच शेपहार्ड के इस चित्र में कॉंग्रेस और मुस्लिम लीग को हाथी के रूप में चित्रित किया गया है. यह चित्र 22 मई 1946 को पंच पत्रिका में प्रकाशित हुआ था.
आज़ादी से पहले के दुर्ल पोस्ट,,, साइमन गो बैक
यह पोस्टर 1928 में जारी हुआ. सर जॉन साइमन के नेतृत्व में गठित सात-सदस्यीय समिति को लेकर भारत में काफ़ी नाराज़गी थी. इस समिति के एक अन्य सदस्य थे क्लीमेंट ऐटली जो 1947 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने. इस समिति का उद्देश्य था भारत के भविष्य का फ़ैसला करना और इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था. दिसंबर 1927 में कॉंग्रेस और मुस्लिम लीग के कुछ सदस्यों ने साइमन कमीशन का बहिष्कार किया और जगह-जगह साइमन वापस जाओ के बैनर नज़र आने लगे.
 तस्वीरों में-  आज़ादी से पहले के दुर्लभ पोस्ट
आज़ादी से पहले के दुर्ल पोस्ट... स्वदेशी आंदोलन की रणनीति

इसमें ब्रितानी उत्पादनों का बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादनों और उत्पादन तकनीकों को पुनर्जीवित करते दिखाया गया है. स्वदेशी महात्मा गांधी की एक ऐसी नीति थी जिसे उन्होंने स्वराज की आत्मा बताया

आज़ादी से पहले के दुर्ल पोस्ट.. असहयोग वृक्ष और महात्मा गांधी

इस पोस्टर में एक सैनिक भारत रूपी वृक्ष को दमन-नीति की डोर से खींच रहा है. इसके सामने महात्मा गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा बाई के साथ बैठे नज़र आ रहे हैं जबकि एकता की देवी सबको एकजुट रखे हुए है. दोनों चित्रों में कॉंग्रेसी नेता और भगवान कृष्ण यह सारा दृश्य निहारते देखे जा सकते हैं.

आज़ादी से पहले के दुर्ल पोस्ट.. स्वराज्य के लिए संघर्ष

वर्ष 1920 से कॉंग्रेस के प्रचार पोस्टरों में गांधी का संदेश नज़र आने लगा. स्वराज्य के लिए संघर्ष में भारत माता को जंजीरों में जकड़ा दिखाया गया. इसमें तीन रास्ते थे, सरकार के साथ सहयोग, हिंसा और अहिंसा का मार्ग. यह तीसरा ही स्वतंत्रता की देवी तक ले जाता है.

सितम्बर 10, 2007 at 6:59 पूर्वाह्न Leave a comment

इंडिया फ़ैशन वीक शुरु

तस्वीरों में-  इंडिया फ़ैशन वीक शुरु
इंडिया फ़ैशन वीक
 
इंडिया फ़ैशन वीक बुधवार को दिल्ली में शुरु हो गया
तस्वीरों में-  इंडिया फ़ैशन वीक शुरु
इंडिया फ़ैशन वीक
तस्वीरों में-  इंडिया फ़ैशन वीक शुरु
इंडिया फ़ैशन वीक

इंडिया फ़ैशन वीक

तस्वीरों में-  इंडिया फ़ैशन वीक शुरु
इंडिया फ़ैशन वीक
तस्वीरों में-  इंडिया फ़ैशन वीक शुरु
इंडिया फ़ैशन वीक
 
इंडिया फ़ैशन वीक में फ़िल्मी हस्तियों ने भी भाग लेना शुरु किया है. पहले दिन फ़िल्म अभिनेत्री तनुश्री दत्ता रैंप पर उतरने की तैयारी करती हुईं

सितम्बर 9, 2007 at 7:30 अपराह्न Leave a comment

चक दे इंडिया

चेन्नई में भारत ने कोरिया को रौंदकर चक दे इंडिया की कहानी को हकीकत में बदल दिया। इस जीत के नायक अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ी प्रभजोत सिंह रहे।

सितम्बर 9, 2007 at 7:10 अपराह्न Leave a comment

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