संजय दत्त की बुरी संगत से परेशान थीं नरगिस
September 9, 2007
नई दिल्ली (पीटीआई) : गुजरे जमाने की अदाकारा नरगिस दत्त को अपने बेटे संजय पर आने वाली मुसीबतों का अहसास हो गया था। शायद इसीलिए उन्होंने अपनी बेटी नम्रता से यह ध्यान रखने को कहा था कि संजू अपने कुछ दोस्तों से दूर रहें। नरगिस को यह लगता था कि दोस्तों की सोहबत में संजू गलत राह पकड़ सकते हैं।
इलाज के लिए अमेरिका जाने से पहले नरगिस ने अपनी बेटी नम्रता से कहा था- प्लीज , संजू का ध्यान रखना! देखना , वह फिर से उन मूर्ख लड़कों के चक्कर में न पड़े। वह एकदम भोला है। उसे नहीं पता कि वह क्या कर रहा है और उसे यह भी नहीं पता कि इससे उसका नुकसान होगा। नरगिस को शायद इस बात की आशंका थी कि वह अपने परिवार से हमेशा-हमेशा के लिए बिछड़ने जा रही हैं।
नम्रता को लिखे पत्र में नरगिस ने कहा था कि मेरी हालत ऐसी हो गई है कि मैं तुम सबसे दूर चली गई हूं। मुझे नहीं पता कि क्या होगा , लेकिन भगवान पर मेरा भरोसा है। वह इतने निर्दयी नहीं होंगे कि मुझे तुम लोगों के पास वापस न भेजें।
ये पत्र इस महीने जारी की जाने वाली उस किताब का हिस्सा हैं , जिसे नरगिस दत्त की बेटी प्रिया दत्त और नम्रता ने संजय दत्त के सहयोग से लिखा है। ‘ मिस्टर एंड मिसेज दत्त : मेमरीज ऑफ आवर पैरंट्स ‘ नामक यह किताब रोली बुक्स ने प्रकाशित की है।
बोर्डिन्ग स्कूल में भेजे जाने के बाद संजय को लिखे पत्र में नरगिस ने उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने और टीचरों को शिकायत का मौका नहीं देने के लिए अच्छे से रहने को कहा था।
नवभारत टाइम्स से।
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