Archive for September 11th, 2007
रैड कॉर्नर नोटिस क्या होता है.&7 ओक्लॉक या 8 ओक्लॉक. इसमें 0 का क्या मतलब है.
रैड कॉर्नर नोटिस या रैड नोटिस इंटरपोल द्वारा जारी किया जाता है. इंटरपोल दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस संस्था है जिसके सदस्य देशों की संख्या 186 है जिनमें भारत भी शामिल है. इसकी स्थापना 1923 में ऑस्ट्रिया में हुई थी. उद्देश्य था सीमाओं के आर-पार पुलिस सहयोग बढ़ाना और उन सभी संगठनों, सरकारों और सेवाओं की सहायता करना, जिनका काम अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना या उससे लड़ना है. इंटरपोल का एक महत्वपूर्ण काम अंतर्राष्ट्रीय नोटिस जारी करके, सदस्य देशों की पुलिस के साथ अपराध संबंधी जानकारी बांटना है. ये नोटिस छ प्रकार के होते हैं. लाल, नीले, हरे, पीले, काले और नारंगी. इन सबका उद्देश्य अलग-अलग होता है. आपने लाल नोटिस के बारे में पूछा है तो लाल नोटिस उन लोगों की शिनाख़्त करने और उन्हे खोज निकालने के लिए जारी किया जाता है जिनकी किसी देश की पुलिस को तलाश है. जिससे उन्हे गिरफ़्तार करके प्रत्यर्पित किया जा सके.
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ओ का मतलब है ऑफ़. अगर कहना है कि सात बजे हैं तो अंग्रेज़ी में कहेंगे 7 ऑफ़ द क्लॉक या संक्षेप में 7 ओ क्लॉक.
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ग्रन्थों की मूल पांडुलिपियां कहां संरक्षित हैं
प्राचीन भारत में सैकड़ों वर्षों तक ज्ञान मौखिक रूप से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचता रहा. लगभग तीन-चार सौ ईसवी तक भारत में लेखन का कार्य उस तरह से नहीं हुआ. कुछ अभिलेख ज़रूर मिलते हैं. जब लेखन परम्परा शुरु हुई तो ताड़पत्र या भोजपत्र पर ग्रन्थों की रचना हुई. ग्रन्थ का मतलब ही होता है इन पत्रों को छेद करके गांठ में बांधना. सबसे पुरानी पांडुलिपियां पांचवी छठी सातवीं शताब्दी की मिलती हैं. यह कहना बड़ा मुश्किल होगा कि मूल पांडुलिपियां कहां है क्योंकि बहुत सारी पांडुलिपियां ब्रिटिश शासन के दौरान भारत से ब्रिटन ले जाई गईं जो ब्रिटिश लायब्रेरी में या ऑक्सफ़र्ड लायब्रेरी में सुरक्षित हैं. लेकिन इनका सबसे बड़ा संग्रह भारत में है जैसे बनारस, पूना, पटना और दक्षिण भारत के प्राचीन पुस्तकालयों में ढेरों पांडुलिपियां रखी हैं.
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| इंडिया फ़ैशन वीक- ग्रांड फिनाले | |||
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ग्रांड फिनाले में जाने-माने डिज़ाइनर रोहित बल के डिज़ाइनों को प्रदर्शित किया गया. |
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| भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947) | |||
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जोधपुर के महाराजा के परिवारजनों ने अपने कई होम वीडियो ब्रिटिश फ़िल्म इंस्टीट्यूट को दे दिए थे. ये 1940 के एक वीडियो से ली गई तस्वीर है. |
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| भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947) | |||
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1935 में लिया गया होम वीडियो. |
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| भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947) | |||
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जिंद के महाराजा रणबीर सिंह राजेंद्र बहादुर के रेल स्टेशन पहुँचने पर उनका स्वागत करते ब्रितानी अधिकारी और उनको सलामी देते सैनिक. |
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| भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947) | |||
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भारत की एक सड़क का दृश्य (1938) |
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वर्ष 1938 में भारत की सड़क का एक और नज़ारा.
| भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947) | |||
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वर्ष 1947 में एक ब्रितानी परिवार का होम वीडियो-पिकनिक मनाते हुए. |
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| भारत की कुछ दुलर्भ तस्वीरें(1899-1947) | |||
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कोलाकाता में हॉर्स रेस में हिस्सा लेते समृद्ध भारतीय लोग. |
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